fbpx

Shree Vakratunda Mahakaya Lyrics Ganesha Mantra – Lyrics and Video

Rate this post

वक्रतुंड महाकाय मंत्र लिरिक्स (Shree Vakratunda Mahakaya Lyrics) इन हिंदी: वक्रतुंड महाकाय श्लोक मंत्र (ओम वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ) गणेश पूजा में प्रमुख माना जाता है। जानिए पूरा मंत्र और इसका हिंदी में अर्थ।

मुख्य शास्त्रों के अनुसार गणेश जी की आराधना करने से उनकी कृपा सदैव बनी रहती है। वक्रतुंड महाकाय मंत्र के जाप से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। गणेश जी की पूजा करने से सभी कार्य शीघ्र पूर्ण होते हैं

Vakratunda Mahakaya Lyrics Video Song on Youtube

Vakratunda Mahakaya Lyrics Video Song on Youtube

Shree Vakratunda Mahakaya Lyrics

श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥

Shree Vakratunda Mahakaya Suryakoti Samaprabha।
Nirvighnam Kuru Me Deva Sarva-Kaaryeshu Sarvada॥

Translation of the Vakratunda Mahakaya Lyrics Mantra

O Lord Ganesha of the curved trunk and massive body, the one whose splendor is equal to millions of Suns, please bless me to that I do not face any obstacles in my endeavors.

  • Vakratunda – Curved trunk
  • Mahakaya – Huge form
  • Surya – Sun
  • Koti – Billion
  • Sama – Equal
  • Prabha – Splendor
  • Nirvighnam – No obstacles
  • Kurume – Give me
  • Deva – God
  • Sarva – All
  • Kaaryeshu – Endeavours
  • Sarvada – Always

Vakratunda Mahakaya LyricsMeaning in Hindi |वक्रतुंड महाकाय मंत्र का हिंदी अर्थ

गणपति पूजा में कई मंत्र शामिल होते हैं, लेकिन एक विशेष श्लोक को गणेश जी को प्रसन्न करने का सबसे आसान तरीका माना जाता है। यह मंत्र वक्रतुण्ड महाकाय है, जिसमें गणपति के विराट रूप का वर्णन करते हुए उनसे सदैव कृपा बरसाते रहने की प्रार्थना की जाती है। यह मंत्र बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है।

ओम वक्रतुंड महाकाय श्लोक गीत हिंदी में, वक्रतुंड महाकाय मंत्र हिंदी अर्थ के साथ
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि सम्प्रभ।
निर्विघ्नम कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

जिसका मुँह घुमावदार हो। जिनका शरीर विशाल है, जो अपने भक्तों के पापों को तुरंत दूर कर देते हैं, जो करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी हैं, जो हर जगह ज्ञान का प्रकाश फैला सकते हैं, जो सभी गतिविधियों में बाधाओं को दूर कर सकते हैं, हे भगवान। मेरे सभी कार्यों में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर करें। आप की कृपा दृष्टि सदैव मुझ पर बनी रहे।

भगवान गणपति की पूजा से जुड़े नियम:

अगर आप नियमित रूप से गणेश जी की पूजा करते हैं तो ध्यान दें कि कभी भी उनकी खड़ी मुद्रा की मूर्ति स्थापित न करें। गणपति को हमेशा बैठी हुई मुद्रा में ही रखें। गणेश भक्तों को जानवरों पर भी दया करनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसे भक्तों पर गजानन की विशेष कृपा बरसती है।

Latest Trending Gods Aarti Lyrics

Gods Aarti Lyrics
Gods Aarti Lyrics
" target="_blank" rel="nofollow">